कथा
संत साल के दिनों से अधिक हैं, इसलिए नामी और अनामी सबके लिए एक दिन। अगले दिन का सर्व आत्मा दिवस बाक़ी सभी मृतकों के लिए है।
व्यवहार में कैथोलिक यूरोप और लैटिन अमेरिका में ये दोनों दिन मिलकर वही दिन बन जाते हैं जब परिवार क़ब्रिस्तान जाते हैं। यहाँ गिरजाघर नहीं, क़ब्र ही मुख्य है।
