कथा
गणेश विघ्नहर्ता हैं, और संकष्ट वही विघ्न है — दिन का नाम उसी के नाम पर है जिसके विरुद्ध वह रखा जाता है। गणेश पुराण इसे एक राजा को देता है, जिसका राज्य यह व्रत रखने पर लौट आया।
चंद्रमा इस दिन में एक पुराने झगड़े से आया। गणेश लड़खड़ाए तो चंद्रमा हँसा, और क्षय का शाप पाया; शाप कुछ नरम हुआ कि वह फिर बढ़ेगा, और अब गणेश का दिन उसी को देखकर पूरा होता है। जिसने हँसी उड़ाई थी, वही उपवास खोलता है।
मंगलवार को पड़े तो वह अंगारकी चतुर्थी है, और माना जाता है कि वह साल की बाक़ी सब का भार एक साथ उठाती है — महाराष्ट्र में उस दिन दफ़्तर जल्दी ख़ाली हो जाते हैं।