कथा
14 और 15 अगस्त 1947 की मध्यरात्रि को ब्रिटिश शासन समाप्त हुआ और भारत डोमिनियन बना, एक दिन पहले पाकिस्तान बन चुका था; उस घड़ी संविधान सभा में नेहरू का भाषण, नियति से भेंट, संस्थापक पाठ है। अगली सुबह उन्होंने लाल क़िले के लाहौरी गेट पर झंडा फहराया, और तबसे हर प्रधानमंत्री वहीं फहराता और प्राचीर से बोलता आया है।
तारीख़ माउंटबेटन ने जापानी आत्मसमर्पण की दूसरी वर्षगाँठ के रूप में चुनी। उस समय के ज्योतिषियों ने इसे अशुभ पाया, और समारोह आधी रात की घड़ी पर ले जाया गया ताकि हस्तांतरण उनकी गिनती से चौदह को और घड़ी से पंद्रह को पड़े।
