कथा
यह दिन मृत्यु के देवता यम और उनकी बहन यमुना नदी का है। यमुना ने उन्हें घर बुलाकर भोजन कराया, और यम इतने प्रसन्न हुए कि वर दिया: जो भाई आज अपनी बहन के घर भोजन करे और उसके हाथ का टीका ले, उसे मृत्यु का भय नहीं रहेगा। इसी से इस दिन का पुराना नाम यम द्वितीया है।
दूसरी कथा इस दिन को कृष्ण से जोड़ती है, जो नरकासुर को मारकर अपनी बहन सुभद्रा से मिलने गए और दीपक, माला और तिलक से उनका स्वागत हुआ।
रक्षाबंधन में भाई रक्षा का वचन देता है; भाई दूज में वह बहन के घर मेहमान बनकर आता है। किस दिशा में यात्रा होती है, यही इस दिन की बात है।
